खाता संख्या, आईएफएससी कोड, डेबिट/क्रेडिट कार्ड और इंटरनेट / मोबाइल बैंकिंग पोर्टल और लॉगिन क्रेडेंशियल समान रहेंगे
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, भूतपूर्व आंध्रा बैंक और भूतपूर्व कॉर्पोरेशन बैंक अब एक बैंक बन गए हैं। आज से आंध्र बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक के सभी कर्मचारी, ग्राहक और शाखाएं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया परिवार का हिस्सा बन जाएंगे। व्यवधान को कम करने के लिए, खाता संख्या, आईएफएससी कोड, डेबिट/क्रेडिट कार्ड और इंटरनेट / मोबाइल बैंकिंग पोर्टल और लॉगिन क्रेडेंशियल समान रहेंगे।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया अब 9500+ शाखाओं और 13500+ एटीएम में 120 मिलियन से अधिक ग्राहकों को उत्पादों और सेवाओं की विस्तृत शृंखला प्रदान करता है। संयुक्त रूप से वे भारत के चौथे सबसे बड़े बैंकिंग नेटवर्क और भारत के पांचवें सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बन गए हैं। उम्मीद है कि इस विलय से अगले तीन वर्षों में 2,500 करोड़ रुपए से से ज्यादा का राजस्व उत्पन्न होगा।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एमडी और सीईओ राजकिरण राय जी ने कहा, “अब हम अपने ग्राहकों को शाखाओं, एटीएम, डिजिटल सेवाओं और क्रेडिट सुविधाओं तक व्यापक पहुंच प्रदान करते हैं और एक बैंक के रूप में अधिक मजबूत स्थिति में हैं।”
तीनों संस्थाओं के ग्राहक अब यूनियन बैंक्स के व्यापक नेटवर्क और निर्बाध सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। आज से प्रभावी बुनियादी सेवाएं जैसे कि नकद निकासी और जमा, बैलेंस पूछताछ और फंड ट्रांसफर संयुक्त नेटवर्क में इंटर ऑपरेबल हो जाएगा। यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक के ग्राहकों को एक-दूसरे के एटीएम पर नगद निकासी पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा।